केवल वंही यह दिख सकता है
शुक्रवार, 16 सितंबर 2011
सम्मान
सम्मान - हमारे लिए अधिकार या मज़बूरी की विषय वस्तु है हमारे समाज में सम्मान के तीन रूप दिखाई देते है पहला निरपेक्ष सम्मान जैसे अनायाश ही किसी प्राणी मात्र को देखना ,दूसरा कृतिम जैसे भ्रष्ट राजा को ,एव तीसरा अधिकारपूर्ण जैसे मित्र ,भाई, बहिन ,या सगे सम्बन्धी के बीच जिनके बीच वास्तव में प्रेम होता है
बुधवार, 6 जुलाई 2011
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